मॉर्गन स्टैनली ने बढ़ाया अदाणी पोर्ट्स का टारगेट प्राइस, बिजनेस मॉडल में ग्रोथ के संकेत

2025-04-18     HaiPress

मॉर्गन स्टेनली के रिसर्च नोट में कहा गया है कि भारत को माल निर्यात में वैश्विक हिस्सेदारी हासिल होने की संभावना है,जो अदाणी पोर्ट्स (Adani Ports) के कार्गो ग्रोथ के लिए अच्छा संकेत है.

नई दिल्ली:

मॉर्गन स्टैनली (Morgan Stanley) ने अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन (Adani Ports and Special Economic Zone Ltd.) के लिए अपना टारगेट प्राइस 1,415 रुपये से बढ़ाकर 1,418 रुपये कर दिया है. मॉर्गन स्टैनली ने कंपनी के लचीले बिजनेस मॉडल और डायवर्सिफाइड कार्गो और भौगोलिक मिश्रण का जिक्र करते हुए टारगेट प्राइस में बढ़ोतरी की है.

ब्रोकरेज फर्म ने APSEZ पर "ओवरवेट" रेटिंग बनाए रखी है,जो कार्गो वॉल्यूम के लिए Ebitda सेंसिटिविटी को कम करने के लिए अपने इंटीग्रेटेड बिजनेस मॉडल का फायदा उठाने के लिए कंपनी के रणनीतिक नजरिये को दर्शाती है.

अमेरिका के लिए सीमित एक्सपोजर

APSEZ के बिजनेस मॉडल को लचीला माना जाता है,जिसमें एक बेहतर डायवर्सिफाइड कार्गो मिश्रण और अमेरिका के लिए सीधे तौर पर सीमित एक्सपोजर है,जो कुल कार्गो का 5% से भी कम है. मॉर्गन स्टैनली के अनुमान के मुताबिक FY26 में APSEZ का वॉल्यूम 13% बढ़कर 510 मिलियन टन तक पहुंच जाएगा,जो विझिंगम पोर्ट,WCT,गोपालपुर और तंजानिया जैसे नए क्षमता विस्तार से संचालित है.

मॉर्गन स्टेनली के रिसर्च नोट में कहा गया है कि भारत को माल निर्यात में वैश्विक हिस्सेदारी हासिल होने की संभावना है,जो अदाणी पोर्ट्स के कार्गो ग्रोथ के लिए अच्छा संकेत है. कार्गो वॉल्यूम के लिए Ebitda सेंसिटिविटी को कम करने के लिए इंटीग्रेटेड बिजनेस मॉडल का फायदा उठाने की रणनीति उत्साहजनक है.

अमेरिका के साथ ट्रेड डील में लगेगा वक्त

ब्रोकरेज ने ये भी कहा कि भारत के अमेरिका के साथ होने वाले व्यापार समझौते में थोड़ा वक्त लग सकता है,लेकिन ऐसा होगा इसकी उम्मीद है. जिससे भारत को मध्यम से लंबी अवधि में अमेरिकी व्यापार में हिस्सेदारी हासिल करने में मदद मिल सकती है. घरेलू प्रमुख इंडीकेटर्स सकारात्मक बने हुए हैं,जो APSEZ की ग्रोथ संभावनाओं को और सपोर्ट करते हैं.

अदाणी पोर्ट्स का टारगेट प्राइस 1418 रुपये

मॉर्गन स्टेनली ने अपने मूल्य लक्ष्य को 1,418 रुपये कर दिया है,साथ ही FY2026 और FY2027 के आय अनुमानों में 3% की कटौती की है,क्योंकि FY2025 में वॉल्यूम में कमी आई है वित्त वर्ष 2026-27 के लिए नरमी का अनुमान लगाया गया है.

वैल्यूएशन को छह महीने आगे बढ़ाकर मार्च 2027 कर दिया गया है,जिसमें कॉस्ट ऑफ इक्विटी अनुमान को 13% से घटाकर 12.5% ​​कर दिया गया है,जो रिस्क फ्री रेट को 7% से बढ़ाकर 6.5% करने की वजह से है.

डिस्क्लेमर: यह लेख अन्य मीडिया से पुन: पेश किया गया है। रिप्रिंट करने का उद्देश्य अधिक जानकारी देना है। इसका मतलब यह नहीं है कि यह वेबसाइट अपने विचारों से सहमत है और इसकी प्रामाणिकता के लिए जिम्मेदार है, और कोई कानूनी जिम्मेदारी वहन नहीं करती है। इस साइट पर सभी संसाधन इंटरनेट पर एकत्र किए गए हैं। साझा करने का उद्देश्य केवल सभी के सीखने और संदर्भ के लिए है। यदि कॉपीराइट या बौद्धिक संपदा उल्लंघन है, तो कृपया हमें एक संदेश छोड़ दें।